रैगिंग पर रोक के लिए प्रशासन सख्त
मंडी में आयोजित जिला स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में रैगिंग पर रोक को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यूजीसी दिशानिर्देशों का पालन जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि रैगिंग पर रोक के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और राघवन समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। सभी संस्थानों को इन नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।
नए छात्रों को दी जाए पूरी जानकारी
रैगिंग पर रोक के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। नए छात्रों को प्रवेश के समय रैगिंग से जुड़े नियमों, शिकायत प्रक्रिया और हेल्पलाइन नंबर की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
हर संस्थान में बने एंटी रैगिंग समिति
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में एंटी रैगिंग समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए। समिति के अध्यक्ष का संपर्क नंबर छात्रों को उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
शिकायत मिलने पर होगी तत्काल कार्रवाई
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि रैगिंग पर रोक केवल कागजी नियम नहीं है। यदि किसी संस्थान में रैगिंग की शिकायत मिलती है तो 24 घंटे के भीतर नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराना आवश्यक होगा।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रैगिंग में शामिल छात्रों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों से प्रवेश के समय शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि वे किसी भी प्रकार की रैगिंग गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
छात्र सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने कहा कि रैगिंग पर रोक छात्रों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए बेहद जरूरी है। सभी संस्थानों को इस दिशा में गंभीरता से काम करने और नियमों का प्रभावी पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।



