सड़क निर्माण की स्वीकृति पर विवाद
झारखंड के पलामू जिले में सड़क निर्माण की स्वीकृति को लेकर नया विवाद सामने आया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक सड़क परियोजना के नामकरण पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन को आवश्यक बदलाव करने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने उठाए सवाल
मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति ऐसे नाम से दी गई है, जिस पर गंभीर आपराधिक मामलों का उल्लेख किया जाता रहा है। उनका मानना है कि इस तरह के नामों को सरकारी परियोजनाओं से जोड़ना उचित नहीं है।
प्रशासन को दिया निर्देश
वित्त मंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण की स्वीकृति से जुड़े नाम की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि नाम देना ही था तो परिवार के किसी अन्य सदस्य या माता-पिता के नाम का उपयोग किया जा सकता था।
93 लाख रुपये की परियोजना
जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा करीब 93 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया गया है। यह सड़क संबंधित व्यक्ति के घर से मेडिकल कॉलेज तक बनाई गई है। परियोजना का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है।
शांति और विकास पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है। ऐसे में सड़क निर्माण की स्वीकृति के माध्यम से किसी विवादित व्यक्ति का महिमामंडन सरकार की नीति के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठे प्रश्न
इस मामले के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और सड़क निर्माण की स्वीकृति देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



