हमीरपुर, 31 जनवरी (हि.स.)। पीएम ग्रामीण आवास योजना में अब केन्द्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। पहले पात्र लोगों के सर्वे कराए जाने के लिए अफसरों की कई टीमें लगाई गई थीं लेकिन पहली बार पात्र और गरीबों को सेल्फ सर्वे करने की सौगात दी गई है। इससे गरीबों में बड़ी खुशी देखी जा रही है। जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) का कहना है कि सरकार की मंशा है कि गरीब और पात्र लोग पीएम आवास के लिए सेल्फ सर्वे करें। इसके लिए एप बनाया गया है।
पीएम ग्रामीण आवास योजना को लेकर अर्से से बड़ी संख्या में गरीब दर-दर भटक रहे हैं। जिले में अभी तक सत्ताईस हजार से अधिक आवास की सौगात गरीबों को मिला है। पात्र होने के बावजूद इससे कई गुना गरीब आज भी इस योजना से वंचित हैं। हमीरपुर जिले के सुमेरपुर, कुरारा, मौदहा, मुस्करा, राठ, सरीला और गोहांड आदि ब्लाकों के सैकड़ों गांवों में पीएम ग्रामीण आवास योजना के लिए हजारों गरीब परिवार अधिकारियों की परिक्रमाकर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद केन्द्र सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण का विस्तार वर्ष 2024-25 से वर्ष 2029 तक कर दिया है। पात्र लोगों को आवास की सौगात दिए जाने के लिए सर्वे कराए जाने की हरी झंडी दी गई थी। सर्वे के लिए ब्लाक और न्याय पंचायत स्तर पर टीमें गठित की गई थीं। अब केन्द्र सरकार ने योजना में बड़ा बदलाव करते हुए गरीबों को बड़ी सौगात दी है। इससे यहां गरीब परिवारों में बड़ी खुशी देखी जा रही है। चंदुलीतीर, कलौलीतीर समेत तमाम गांवों के गरीब परिवारों ने बताया कि केन्द्र सरकार का यह फैसला गरीब और आवास विहीन लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
बेघर लोगों को अब मिला सेल्फ सर्वे का अधिकारहमीरपुर के सीडीओ चन्द्रशेखर शुक्ला ने बताया कि पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत ग्रामीणों की तमाम शिकायतों को लेकर केन्द्र सरकार ने अब पात्र गरीब और लाभार्थी को बड़ी राहत दी है। लाभार्थी पीएम आवास ग्रामीण योजना की सौगात पाने के लिए अब खुद (सेल्फ) सर्वे कर सकता है। इसके लिए कोई भी पात्र व्यक्तिव योजना ग्रामीण की साइट पर जाकर आवास प्लस-2024 सर्वे एप में सेल्फ सर्वे कर सकते है।
भिखारी और बंधुआ मजदूरों को भी मिलेंगे आवाससीडीओ ने बताया कि केन्द्र सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्रता की शर्तें तय कर दी है। इसमें सभी बेघर परिवारों, जीर्णशीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों, आवास विहीन और भीख मांगकर जीवन गुजारने वालों को भी आवास की सौगात मिलेगी। इसके अलावा हाथ से मैला ढोने वाले परिवार, आदिम जनजाति समूह एवं वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों के परिवार भी योजना के लिए चयनित होंगे।
उन्होंने बताया कि आवास री लागत सामान्य क्षेत्रों में एक लाख बीस हजार रुपये होगी। तीन किश्तों में लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी। आवास के साथ शौचालय का निर्माण भी लाभार्थी के यहां कराया जाएगा। इसके अलावा लाभार्थी को मनरेगा में नब्बे दिन के रोजगार की सुविधा भी दी जाएगी।