जबलपुर में निकली ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प पदयात्रा

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जबलपुर में निकली ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प पदयात्रा

जबलपुर में 2 नवंबर 2026 को एक बड़ी नागरिक पदयात्रा ने शहर को हलचल में डाला। “लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ” के संकल्प के साथ, हजारों लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई, समाज में शांति और व्यवस्था की मांग की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनर्जीवित करना और अराजकता के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाना था।

जबलपुर के नागरिकों ने एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा की

पदयात्रा का आरम्भ शहर के मुख्य चौक से हुआ, जहाँ स्थानीय नेता, समाजसेवक और सामान्य नागरिक एक साथ खड़े हुए। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और वादा किया कि वे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और अराजकता के खिलाफ आवाज़ उठाएँगे। कई युवाओं ने अपने हाथों में बैनर लिए, जिस पर लिखा था “लोकतंत्र की रक्षा करो, अराजकता को मिटाओ।”

पदयात्रा के दौरान समाज के सभी वर्गों ने भाग लिया

इस कार्यक्रम में सभी आयु, जाति और लिंग के लोगों ने हिस्सा लिया। शैक्षणिक संस्थानों के छात्र, वृद्धजनों के समूह, और छोटे व्यापारियों ने भी अपनी आवाज़ें मिलाईं। एक वृद्ध महिला ने कहा, “हमारी पीढ़ी ने लोकतंत्र की नींव रखी, अब इसे बचाना हमारा कर्तव्य है।”

राजनीतिक नेताओं ने समर्थन जताया, शांति व व्यवस्था पर जोर

कई प्रमुख राजनेताओं ने भी इस पदयात्रा का समर्थन किया। एक कांग्रेस नेता ने कहा, “हम इस आंदोलन को पूरी ताकत से समर्थन देते हैं। लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांति और व्यवस्था अनिवार्य हैं।” एक भाजपा विधायक ने जोड़ते हुए कहा, “इस पदयात्रा से स्पष्ट होता है कि जनता का दिल अभी भी लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है।”

सफल पदयात्रा से आशा मिली, भविष्य के लिए प्रेरणा

पदयात्रा के अंत में, आयोजकों ने एक संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उन्होंने अराजकता को समाप्त करने और लोकतंत्र को सुदृढ़ करने का वादा किया। शहर के पुलिस प्रमुख ने भी आश्वासन दिया कि वे इस आंदोलन के समर्थन में क़ानून और व्यवस्था बनाए रखेंगे।

निष्कर्ष

जबलपुर की यह पदयात्रा न केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम था, बल्कि एक सामाजिक चेतना का प्रतीक भी था। “लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ” के संकल्प ने लोगों में एकजुटता और विश्वास जगाया। यह अनुभव हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र की रक्षा में हर नागरिक की भूमिका अनिवार्य है, और शांति व व्यवस्था के प्रति समर्पण हमें एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करता है।