स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए

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स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए

स्वदेशी जागरण मंच (एसजेडएम), जिसे आज़ाद भारत की आत्मनिर्भरता की ओर एक नई दिशा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया, ने 2 नवंबर 2026 को राजधानी के रूट सड़कों पर एक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेशी पूंजी पर अत्यधिक निर्भरता को समाप्त कर स्वदेशी उद्योगों और कृषि को प्रोत्साहित करना था। मंच के सह-संस्थापक सतीश कुमार ने इस दिन मीडिया से संवाद करते हुए अपने विचारों को स्पष्ट किया और लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। इस लेख में हम इस आयोजन के प्रमुख पहलुओं और सतीश कुमार के संदेशों पर प्रकाश डालेंगे।

स्वदेशी जागरण मंच की नई पहल: राष्ट्रीय चेतना को जगाना

एसजेडएम के कार्यक्रम का मुख्य संदेश था “स्वदेशी को प्राथमिकता दें”। इस पहल के तहत, मंच ने भारतीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार, ग्रामीण उद्योगों के विकास और कृषि-आधारित रोजगार सृजन के लिए एक व्यापक योजना तैयार की। सतीश कुमार ने कहा, “हमें अपने संसाधनों पर भरोसा करना सीखना होगा और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता को कम करना होगा।”

सतीश कुमार की मीडिया संवाद: जागरूकता का सन्देश

प्रदर्शन के दौरान सतीश कुमार ने पत्रकारों के साथ एक अनौपचारिक साक्षात्कार में अपनी दृष्टि साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे स्वदेशी उत्पादों के उपयोग से आर्थिक स्वावलंबन संभव है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि “स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और उनके विपणन के लिए सरकार को सहयोग करना चाहिए।”

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा: विदेशी पूंजी पर निर्भरता

प्रदर्शन के दौरान, प्रतिभागियों ने विदेशी निवेश के साथ-साथ आयातित वस्तुओं पर निर्भरता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। सतीश कुमार ने इस विषय पर जोर देते हुए कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था को विदेशी पूंजी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हमें अपने उद्योगों को सुदृढ़ बनाना होगा।”

सामूहिक आवाज़: किसानों, मजदूरों, युवाओं की मांग सभी

प्रदर्शन में किसानों, मजदूरों और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने सतीश कुमार के साथ मिलकर “कृषि सब्सिडी, न्यूनतम मजदूरी, और युवाओं के लिए रोजगार योजनाओं” की मांग की। मंच ने इन मांगों को सरकार के सामने पेश करने का वादा किया।

निष्कर्ष

2 नवंबर 2026 को आयोजित स्वदेशी जागरण मंच के प्रदर्शन ने भारतीय समाज के भीतर स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सतीश कुमार का मीडिया संवाद और मंच का व्यापक कार्यक्रम, भारत को विदेशी पूंजी से स्वतंत्र बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ। इस पहल से यह स्पष्ट हुआ कि यदि सभी वर्ग मिलकर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें और सरकार की नीतियों में सुधार करें, तो भारत को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।