मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित 14 वें दीपावली महोत्सव को संबोधित करते हुए।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित 14 वें दीपावली महोत्सव को संबोधित करते हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2 नवंबर 2026 को खटीमा में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित 14वें दीपावली महोत्सव में संबोधन किया। यह कार्यक्रम खटीमा के ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित हुआ, जहाँ हजारों लोग और दूर-दराज से आए पर्यटक एकत्रित हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दीपावली के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए विकास, समृद्धि और एकता के संदेश दिए। उन्होंने कहा कि इस उज्ज्वल त्योहार के माध्यम से समाज में आशा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार संभव है। इस कार्यक्रम ने खटीमा के इतिहास को पुनर्जीवित करते हुए नई ऊर्जा का संचार किया।

दीपावली की रौशनी में नई ऊर्जा और आशा

मुख्यमंत्री ने दीपावली को “रौशनी का त्योहार” कहा और बताया कि यह रौशनी केवल अंधकार को दूर नहीं करती, बल्कि समाज में नई ऊर्जा और आशा को भी जगाती है। उन्होंने बताया कि खटीमा के लोग दीपावली के दौरान पारंपरिक रीतियों के साथ-साथ आधुनिक विकास योजनाओं को भी अपनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की राह में यह त्योहार एक प्रेरणादायक मोड़ हो सकता है, जहाँ हर घर में नई ऊर्जा का संचार हो।

खटीमा का इतिहास और सांस्कृतिक महत्व सभी आयामों में

खटीमा का समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व इस कार्यक्रम को और भी विशेष बनाता है। मुख्यमंत्री ने खटीमा के प्राचीन मंदिरों, पवित्र नदियों और ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खटीमा के इतिहास को उजागर करना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

विकास परिषद की भूमिका और भविष्य की योजनाएँ

भारत विकास परिषद ने इस महोत्सव के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने परिषद की पहल को सराहा और बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में विकास की दिशा स्पष्ट होती है। उन्होंने परिषद को आगामी योजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में नई परियोजनाएँ शामिल हैं। यह भी बताया गया कि परिषद द्वारा योजनाबद्ध कार्यक्रमों से खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक उछाल आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की प्रेरणादायक बातें और जनता का उत्साह

मुख्यमंत्री ने अपनी प्रेरणादायक बातें साझा करते हुए कहा कि “आत्मविश्वास और समर्पण के साथ हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।” उनके भाषण से जनता में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोग तालियों के साथ उनकी बातों को स्वीकार करते हुए दीपावली के दौरान सामूहिक रूप से समाज के लिए नए लक्ष्यों को स्थापित करने की बात की।

निष्कर्ष

इस 14वें दीपावली महोत्सव ने न केवल खटीमा की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया, बल्कि विकास, समृद्धि और एकता के संदेशों को भी उजागर किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रेरणादायक संबोधन और भारत विकास परिषद की सक्रिय भूमिका ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। यह उत्सव खटीमा के लोगों के लिए नई ऊर्जा और आशा का प्रतीक बनकर सामने आया, और यह स्पष्ट हुआ कि दीपावली केवल रौशनी का त्योहार नहीं, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।