एनएनएस कैंप।

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एनएनएस कैंप।

एनएनएस कैंप के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली और खेलकूद का नया अनुभव मिला। यह कार्यक्रम 5 नवम्बर 2026 को राजधानी के केंद्रीय खेल परिसर में आयोजित हुआ, जहाँ 800 से अधिक किशोर-किशोरियाँ भाग लेकर अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उत्सुक थीं। एनएनएस यानी ‘नेशनल न्यूट्रिशन एंड स्पोर्ट्स’ कैंप का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ आहार और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इस वर्ष के कार्यक्रम में विशेष रूप से शाकाहारी पोषण योजनाएँ और योग-ध्यान सत्र शामिल थे, ताकि युवा वर्ग में समग्र स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाई जा सके।

युवा मन में जागृत खेल भावना: एनएनएस कैंप की शुरुआत

कैंप के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने भाषण देते हुए युवाओं को खेल और पोषण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन की नींव होती है।” इसके साथ ही, राष्ट्रीय खेल निदेशक ने प्रतिभागियों को प्रथम श्रेणी के कोचों से मिलने का अवसर दिया।

पोषण पर विशेष ध्यान: शाकाहारी भोजन से ऊर्जा

कैंप के दौरान पोषण विशेषज्ञों ने शाकाहारी भोजन के लाभों पर व्याख्यान दिया। हर दिन तीन मुख्य भोजन के साथ स्नैक्स में फल, दालें और नट्स का समावेश किया गया। इस कार्यक्रम में ‘मिल्ड मील’ के माध्यम से कैलोरी और प्रोटीन का संतुलित सेवन सुनिश्चित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को दिनभर ऊर्जा बनी रही।

फिटनेस फोकस: विविध खेल कार्यक्रम और योग सत्र

कैंप में 12 प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया – क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, तैराकी और एथलेटिक्स। साथ ही, सुबह-सुबह योग और ध्यान सत्र से मानसिक शांति और लचीलापन बढ़ाने पर भी काम किया गया। अनुभवी कोचों ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत रूप से फिटनेस प्लान तैयार करके दिया।

सामाजिक जुड़ाव और भविष्य की योजनाएँ

कैंप के अंत में, एक पैनल चर्चा में युवाओं के भविष्य के सपनों और चुनौतियों पर बात हुई। आयोजकों ने घोषणा की कि अगले वर्ष भी इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में ‘एनएनएस क्लब’ की स्थापना की योजना है, जिससे निरंतर स्वास्थ्य शिक्षा जारी रहे।

निष्कर्ष

एनएनएस कैंप ने युवाओं को खेल और पोषण के महत्व का सजीव अनुभव कराया। इस कार्यक्रम से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ, बल्कि मानसिक संतुलन और सामाजिक एकजुटता भी बढ़ी। भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रमों से देश के युवाओं को स्वस्थ, सक्रिय और समर्पित नागरिकों के रूप में तैयार करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया जा सकता है।