जल संरक्षण के अनूठे मॉडल के लिए जालौन डीएम राजेश कुमार पांडेय को मिलेगा पुरस्कार

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जालौन डीएम को जल संरक्षण के लिए पुरस्कार

उरई, 26 सितंबर। जालौन जिले के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

अनोखा मॉडल और जन भागीदारी

डीएम पांडेय ने कोंच तहसील के ग्राम सतोह से निकलने वाली 83 किलोमीटर लंबी नून नदी के पुनर्जीवन के लिए जन भागीदारी से एक अनूठा जल संरक्षण मॉडल विकसित किया। लंबे समय से सूखी पड़ी इस नदी में सफाई, गहरीकरण और तटबंधों के निर्माण से अब जल प्रवाह शुरू हो गया है।

जल संरक्षण के उपाय

जल संरक्षण के तहत चेकडैम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपाय किए गए। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्याएँ काफी हद तक कम हुई हैं।

पुरस्कार और मान्यता

जालौन जिले को JSJB 1.0 अवार्ड के तहत 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। डीएम पांडेय को दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवार्ड के तहत उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को 2-2 करोड़ रुपये तथा चित्रकूट को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा।

प्रभाव

डीएम पांडेय के प्रयासों से न केवल नून नदी का पुनर्जीवन हुआ, बल्कि क्षेत्र में जल संरक्षण के महत्व को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है। इस मॉडल को राज्य और केंद्र सरकार ने सराहा है और इसे जल संरक्षण के लिए प्रेरक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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