सुलतानपुर, 4 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के कुड़वार क्षेत्र के धाराएं (अलीगंज बाजार) गांव निवासी कफील अहमद (45) की सऊदी अरब के जेद्दा शहर में हार्ट अटैक से मौत हो गई। निधन के पूरे 19 दिन बाद गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर वतन वापस लाया गया। ग्रामीणों और परिजनों ने गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया।
15 साल से जेद्दा में कर रहे थे काम
कफील अहमद पिछले 15 वर्षों से सऊदी अरब के जेद्दा में टाइल्स मेशन के रूप में काम कर रहे थे।
उनका निधन 16 नवंबर की सुबह हृदयगति रुकने से हो गया।
कफील आखिरी बार 17 फरवरी 2025 को सऊदी अरब गए थे। उनके परिवार में पत्नी राजिया बानो और तीन बेटियां हैं। असमय मौत की खबर से पूरा परिवार सदमे में है।
समाजसेवी और भारतीय दूतावास की मदद से आया शव
निधन की खबर मिलने के बाद परिजन शव को भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।
परिवार ने इस संबंध में कादीपुर के समाजसेवी अब्दुल हक से संपर्क किया।
अब्दुल हक, जो पहले भी विदेशों में मरे भारतीयों के शव भारत लाने में सहायता कर चुके हैं, तुरंत सक्रिय हुए और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा। सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर दूतावास को भेजे गए।
अब्दुल हक के अनुसार—
“कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव गुरुवार सुबह 3 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा।”
गांव में छाया मातम
शव जैसे ही गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीण बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
कफील अहमद के निधन ने प्रवासी मजदूरों को दरपेश चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।



