पं. राम सुमेर शुक्ल का जीवन राष्ट्र व किसानों को समर्पित था: मुख्यमंत्री धामी

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सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि

रुद्रपुर, 04 दिसंबर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और तराई क्षेत्र के संस्थापक पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित शुक्ल राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि पंडित शुक्ल का संपूर्ण जीवन देश, समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित रहा।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और जीवन परिचय आधारित शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

स्वतंत्रता संग्राम में पंडित शुक्ल का योगदान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 1936 में मात्र 21 वर्ष की आयु में लाहौर अधिवेशन में पंडित शुक्ल ने जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद का मुखर विरोध किया था। गांधीजी से प्रेरित होकर उन्होंने कानून की प्रैक्टिस छोड़ी और स्वतंत्रता आंदोलन में पूर्णकालिक योगदान दिया। कई बार जेल जाने के बावजूद उनका साहस और समर्पण अटूट रहा।

स्वतंत्रता के बाद उन्होंने किसानों और तराई क्षेत्र के विकास को जीवन का लक्ष्य बनाया। तराई कॉलोनाइजेशन योजना के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने विकास की मजबूत नींव रखी।

सरकार की प्रमुख विकास योजनाएं

सीएम धामी ने बताया कि रुद्रपुर में उनके नाम पर बन रहा मेडिकल कॉलेज, 590 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास सड़क, खटीमा–टनकपुर और गदरपुर–जसपुर चार लेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा—

  • रुद्रपुर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण
  • कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट
  • एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट
  • किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर
  • पंतनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
  • अरोमा पार्क, प्लास्टिक पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर जैसी परियोजनाएं क्षेत्र में नई ऊर्जा ला रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना पुनः शुरू की गई है, जिससे तराई क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई का स्थायी समाधान मिलेगा।

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