मध्य प्रदेश को मिला 2025 में नया टाइगर रिजर्व, ‘टाइगर स्टेट’ की शान और बढ़ी

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🐯 मध्य प्रदेश बना और मजबूत ‘टाइगर स्टेट’

मध्य प्रदेश ने वर्ष 2025 में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के साथ राज्य में अब कुल 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इसके साथ ही यह भारत का 58वां टाइगर रिजर्व बन गया है।

🌳 माधव टाइगर रिजर्व क्यों है खास?

चंबल अंचल में स्थित यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है। यहां घास के मैदान, झीलें और मिश्रित वन हैं, जो बाघों के लिए आदर्श आवास माने जाते हैं।
करीब 375 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह रिजर्व राजस्थान और उत्तर प्रदेश के वन्यजीव गलियारों से जुड़ता है, जिससे बाघों की आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

🐅 बाघों की पुनर्बहाली शुरू

टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद यहां चरणबद्ध तरीके से बाघों को बसाया गया है। अन्य रिजर्व से लाए गए बाघों को छोड़ने के बाद निगरानी बढ़ाई गई है। कुछ ही महीनों में बाघों की गतिविधियां बढ़ना इस क्षेत्र की अनुकूल पारिस्थितिकी को दर्शाता है।

🧭 पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा

माधव टाइगर रिजर्व बनने से शिवपुरी और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ईको-टूरिज़्म को नया आयाम मिलेगा। इससे होटल, होम-स्टे, गाइड और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा।

🗣️ मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि

“माधव टाइगर रिजर्व से चंबल अंचल में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत मिलेगी। इससे पर्यटन, रोजगार और जैव विविधता – तीनों को बढ़ावा मिलेगा।”

🐾 अब मध्य प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व

कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना, संजय-दुबरी, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व — मध्य प्रदेश सचमुच देश का टाइगर स्टेट बन चुका है।

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