🔹 होजाई में यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन
असम के राज्यपाल और रवींद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के चांसलर लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने होजाई में आयोजित यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
उन्होंने स्नातक हो रहे छात्रों से मानवता की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया।
🔹 छात्रों को दी बधाई और प्रेरणादायक संदेश
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
साथ ही उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
🔹 भारत की सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर
राज्यपाल ने भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया।
उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण की शिक्षाओं, श्रीमंत शंकरदेव, माधवदेव और रवींद्रनाथ टैगोर के योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, करुणा और सद्भाव भारत की पहचान रहे हैं।
🔹 समाज सेवा को प्राथमिकता देने की अपील
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कहा कि सच्ची शिक्षा मन को स्वतंत्र बनाती है और इंसानियत को मजबूत करती है।
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और जरूरतमंदों की सेवा को अपना कर्तव्य मानें।
🔹 एनईपी और वैश्विक अवसरों पर प्रकाश
राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत हो रहे सुधारों और विदेशी विश्वविद्यालयों की भागीदारी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि छात्रों का ज्ञान और कौशल भारत को 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
🔹 यूनिवर्सिटी के योगदान की प्रशंसा
उन्होंने यूनिवर्सिटी की शिक्षा, शोध और नवाचार गतिविधियों की सराहना की और प्रशासन, फैकल्टी तथा स्टाफ़ के प्रयासों की प्रशंसा की।
🔹 कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस समारोह में वाइस-चांसलर प्रो. मनबेंद्र दत्ता चौधरी, पूर्व वीसी प्रो. अमरज्योति चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ. संदीप रत्न, फैकल्टी सदस्य, छात्र और अभिभावक उपस्थित रहे।




