🔹 Gurugram में Child Marriage Awareness Campaign की शुरुआत
महिला एवं बाल विकास विभाग ने गुरुग्राम में Child Marriage Awareness Campaign शुरू किया है।
इस अभियान के तहत बाल विवाह मुक्ति रथ को 100 दिनों के लिए रवाना किया गया।
🔹 एडीसी सोनू भट्ट ने दिखाई हरी झंडी
एडीसी सोनू भट्ट ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या है।
🔹 बच्चों के भविष्य पर पड़ता है असर
एडीसी के अनुसार बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करता है।
इसलिए Child Marriage Awareness Campaign समाज में बदलाव लाने का प्रयास है।
🔹 बाल विवाह कानूनन अपराध है
अभियान के तहत यह संदेश दिया जा रहा है कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है।
18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह गैरकानूनी है।
Child Marriage Awareness Campaign कानून की जानकारी भी दे रहा है।
🔹 सूचना देने से रोका जा सकता है बाल विवाह
अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना देकर बाल विवाह रोका जा सकता है।
लोग पुलिस हेल्पलाइन 112 और चाइल्डलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
🔹 सामाजिक भागीदारी पर जोर
Child Marriage Awareness Campaign को शक्ति वाहिनी और एमडीडी ऑफ इंडिया का सहयोग मिल रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों और संगठनों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
🔹 जिलेभर में फैलेगा जागरूकता संदेश
यह रथ पूरे जिले में घूमकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताएगा।
इससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।
🔹 सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि Child Marriage Awareness Campaign सामाजिक सोच बदलने में अहम भूमिका निभाएगा।
यह पहल बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत कदम है।




