पटना स्थित सरदार पटेल भवन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय भूकंप परिदृश्य कार्यक्रम का गुरुवार को सफल समापन हुआ।
इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागों के बीच मजबूत समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा का कोई निश्चित समय नहीं होता, इसलिए पूर्व तैयारी और तालमेल ही सबसे बड़ी ताकत है।
🔹 समन्वय और तैयारी पर जोर
बिहार आपदा प्रबंधन समन्वय को मजबूत करने के लिए जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संसाधनों की अद्यतन सूची तैयार रखें और आपात संपर्क प्रणाली को सुदृढ़ करें। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने चिकित्सा सुविधाओं और एम्बुलेंस नेटवर्क को हर समय तैयार रखने पर बल दिया।
बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा ने बताया कि “भूकंप सप्ताह” को विस्तारित कर “भूकंप पखवाड़ा” किया गया है, ताकि व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित हो सके।
🔹 कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की आवश्यकता
NDMA के मेजर जनरल सुधीर बहल ने सशक्त कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और एजेंसियों के बीच निर्बाध संचार को प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी बताया।
कार्यक्रम के तहत पटना के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें NDRF, SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभागों ने भाग लिया।



