🔹 सिलिकोसिस पर सियासत तेज
राजस्थान में Ashok Gehlot Silicosis Issue को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राज्य की मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस एक लाइलाज और जानलेवा बीमारी है, जिससे हजारों खदान और निर्माण मजदूर प्रभावित हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
🔹 अपने कार्यकाल की योजनाओं का जिक्र
गहलोत ने बताया कि वर्ष 2013 में उनकी सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की सहायता राशि शुरू की थी।
वर्ष 2019 में देश की पहली सिलिकोसिस पॉलिसी लागू की गई, जिसके तहत पांच लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया। इसमें तीन लाख रुपये बीमारी के दौरान और दो लाख रुपये मृत्यु की स्थिति में दिए जाते थे।
इसके अलावा निशुल्क इलाज और 1500 रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था भी की गई थी। गहलोत के अनुसार 2019 से 2023 के बीच करीब 35 हजार मरीजों को 911 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता दी गई।
🔹 वर्तमान सरकार पर आरोप
Ashok Gehlot Silicosis Issue में उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार नए कार्ड जारी नहीं कर रही है और कई कार्ड ब्लॉक कर दिए गए हैं। इससे मजदूरों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी पॉलिसी का लाभ न मिलने की बात कही।
🔹 क्या है मांग?
गहलोत ने सरकार से लंबित कार्ड जारी करने, ब्लॉक कार्ड बहाल करने और सहायता राशि बढ़ाने की मांग की है।



