🔹 दो साल बाद भी नहीं हुई नियुक्ति
Rajasthan High Court contempt medical department मामले में अदालत ने सख्त नाराजगी जताई है।
Rajasthan High Court की जोधपुर पीठ ने पाया कि लैब सहायक पद पर नियुक्ति देने का आदेश दो साल बाद भी लागू नहीं किया गया।
🔹 अधिकारी को तलब करने के निर्देश
जस्टिस Rekha Borana की एकलपीठ ने 18 मार्च तक आदेश की अक्षरशः पालना करने का निर्देश दिया है।
यदि आदेश की पालना नहीं हुई तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
🔹 क्या है पूरा मामला
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लैब सहायक के 1393 पदों पर भर्ती निकाली थी।
याचिकाकर्ता श्यामलाल, जो संविदा पर कार्यरत थे, को मेरिट में आने के बावजूद अंतिम चयन सूची में शामिल नहीं किया गया।
उन्होंने बोनस अंकों से वंचित किए जाने को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने 30 दिन के भीतर नियुक्ति देने का आदेश दिया था।
🔹 अवमानना याचिका पर सख्ती
दो वर्ष बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने पर अवमानना याचिका दायर की गई।
सुनवाई के दौरान विभाग ने एसएलपी दायर होने का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे गंभीर माना।



