🔹 साहित्य जगत को नमन
Punyatithi Shradhanjali के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने प्रख्यात कवि Chandrakumar Agarwala को याद किया।
मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने उनके योगदान को सराहा।
उन्होंने असमिया साहित्य में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
🔹 जोनाकी युग के अग्रदूत
Punyatithi Shradhanjali संदेश में उन्हें जोनाकी युग की त्रिमूर्ति बताया गया।
उन्होंने आधुनिक असमिया साहित्य को नई दिशा दी।
उनकी रचनाएं केवल किताबों तक सीमित नहीं रहीं।
उन्होंने समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत किया।
🔹 समाजसेवा का उज्ज्वल अध्याय
Punyatithi Shradhanjali के दौरान उनके सामाजिक कार्यों को भी याद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है।
जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय रहा।
आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
🔹 विरासत रहेगी अमर
Punyatithi Shradhanjali केवल स्मरण नहीं, सम्मान भी है।
उनकी साहित्यिक और सामाजिक विरासत सदैव जीवित रहेगी।



