उज्जैन में दिव्य भस्म आरती! बाबा महाकाल का राजा स्वरूप देख भाव-विभोर हुए भक्त

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तड़के खुले मंदिर के पट

उज्जैन स्थित Mahakaleshwar Jyotirlinga में विशेष आयोजन हुआ।
फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर सुबह चार बजे पट खुले।
इसके बाद बाबा महाकाल भस्म आरती विधि-विधान से शुरू हुई।

पंचामृत से हुआ अभिषेक

भगवान का जल, दूध और दही से अभिषेक किया गया।
घी, शक्कर और फलों के रस से पूजन संपन्न हुआ।
बाबा महाकाल भस्म आरती में मंत्रोच्चार गूंजता रहा।

राजा स्वरूप में विशेष अलंकरण

भगवान को त्रिनेत्र स्वरूप में सजाया गया।
मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुण्ड अर्पित हुआ।
श्रृंगार के बाद ज्योतिर्लिंग पर भस्म रमाई गई।
महा निर्वाणी अखाड़े ने भस्म अर्पित की।

रजत मुकुट और पुष्प माला

भगवान को रजत मुकुट और मुण्डमाल पहनाई गई।
मोगरा और गुलाब की सुगंधित मालाएं अर्पित हुईं।
भोग लगाकर बाबा महाकाल भस्म आरती पूर्ण हुई।

जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर

हजारों श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन किए।
पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” से गूंज उठा।
मान्यता है कि भस्म के बाद भगवान साकार रूप देते हैं।

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