कार्य बहिष्कार कर किया धरना
उत्तराखंड के Haridwar में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्युत संशोधन बिल 2025 के विरोध में कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन All India Power Engineers Federation और National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers के आह्वान पर किया गया।
बिल वापस लेने की मांग
मायापुर स्थित ऊर्जा निगम कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से बिल को वापस लेने की मांग की।
अभियंता संघ के उपाध्यक्ष Anil Kumar Mishra ने आरोप लगाया कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने की तैयारी कर रही है।
निजीकरण से बढ़ेगी समस्या
उन्होंने कहा कि यदि यह बिल लागू होता है तो निजी कंपनियां अपनी सुविधा के अनुसार उपभोक्ताओं का चयन करेंगी और गरीब वर्ग को सस्ती बिजली मिलने में दिक्कत हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता Deepak Saini ने चेतावनी दी कि यदि सरकार बिल वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे राज्य के बिजली कर्मचारी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



