“जिंदा हूं, फिर भी कागजों में मृत”
मीरजापुर में मीरजापुर जमीन फर्जीवाड़ा का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।
एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर उसकी जमीन किसी और के नाम दर्ज कर दी गई।
क्या है पूरा मामला
पीड़ित सतानंद मौर्य, निवासी मनौवा गांव, को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया।
उनकी पुश्तैनी जमीन (खसरा संख्या 153) को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया।
इससे मीरजापुर जमीन फर्जीवाड़ा का गंभीर खुलासा हुआ है।
खतौनी देखकर उड़े होश
जब सतानंद ने अपनी खतौनी निकलवाई, तो उसमें खुद को “मृतक” दर्ज पाया।
साथ ही उनकी जमीन पर किसी और का नाम दर्ज था, जिसे देखकर वे हैरान रह गए।
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
पीड़ित ने लेखपाल और अन्य राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
इससे मीरजापुर जमीन फर्जीवाड़ा में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप मजबूत हुए हैं।
डीएम से लगाई गुहार
आखिरकार सतानंद मौर्य ने पवन कुमार गंगवार से न्याय की मांग की है।
उन्होंने खुद को “कागजों में जिंदा” करने और जमीन वापस दिलाने की अपील की है।
सिस्टम पर उठे सवाल
यह मामला राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।



