लोकतंत्र की बहाली का दिन
21 मार्च का इतिहास भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अहम मोड़ लेकर आया।
1977 में इसी दिन देश में लागू आपातकाल (इमरजेंसी) को समाप्त कर दिया गया।
इमरजेंसी का दौर
25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लागू की गई थी।
इस दौरान नागरिक अधिकारों पर पाबंदियां लगीं और प्रेस की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई।
इसी कारण 21 मार्च का इतिहास लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक बन गया।
दो साल बाद खत्म हुआ आपातकाल
लगभग दो वर्षों तक चले इस दौर के बाद 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी समाप्त हुई।
इसने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों की पुनःस्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
इसलिए 21 मार्च का इतिहास बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिल्मफेयर अवॉर्ड की शुरुआत
इसी दिन 1954 में फिल्मफेयर अवॉर्ड की शुरुआत भी हुई थी।
यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के कलाकारों और तकनीशियनों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।
इससे 21 मार्च का इतिहास सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास बन जाता है।
इतिहास और संस्कृति का संगम
एक ओर यह दिन लोकतंत्र की जीत का प्रतीक है, तो दूसरी ओर सिनेमा की उपलब्धियों का उत्सव भी है।



