छात्रों को मिला जिम्मेदार पर्यटन का पाठ
सूरजपुर के शासकीय नवीन महाविद्यालय, प्रेमनगर में आयोजित इको टूरिज्म कार्यशाला में विद्यार्थियों को पर्यटन और पर्यावरण के संतुलन की अहम सीख दी गई।
कार्यशाला का चौथा दिन “छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के नए आयाम” विषय पर केंद्रित रहा।
सतत विकास पर विशेष जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि:
- पर्यटन विकास प्रकृति के संतुलन के साथ होना चाहिए
- “सस्टेनेबल टूरिज्म” ही भविष्य का रास्ता है
- संसाधनों का सीमित और संतुलित उपयोग जरूरी है
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में कई विषय विशेषज्ञों ने छात्रों को मार्गदर्शन दिया:
- डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने पर्यावरण संरक्षण को नागरिकों का कर्तव्य बताया
- विनोद साहू ने पर्यटन को रोजगार का बड़ा माध्यम बताया
- डॉ. अखिलेश पांडे ने जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर चिंता जताई
रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा
विशेषज्ञों ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र में कई अवसर मौजूद हैं:
- होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री
- टूर गाइड
- हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियां
छात्रों को इस क्षेत्र में कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
सांस्कृतिक माहौल में कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत:
- दीप प्रज्वलन
- सरस्वती वंदना
- छत्तीसगढ़ी राज्य गीत
से हुई, जिससे वातावरण सकारात्मक और प्रेरणादायक बना।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस आयोजन ने छात्रों को न केवल ज्ञान दिया, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनने की प्रेरणा भी दी।



