🔹 रामपुर में फिर लौटी ‘हरे सोने’ की चमक
कोरबा के रामपुर क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होते ही ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
‘हरा सोना’ कहलाने वाला तेंदूपत्ता यहां ग्रामीण परिवारों की आजीविका का बड़ा सहारा बना हुआ है।
🔹 महिलाओं ने की सीजन की पहली बोहनी
रामपुर निवासी कारी बाई पटेल और खेमबाई पटेल सुबह-सुबह जंगल पहुंचीं।
दोनों महिलाओं ने सबसे पहले तेंदूपत्ता खरीद केंद्र में गड्डियां बेचकर सीजन की शुरुआत की।
इस मौके पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
🔹 बढ़ी दरों से बढ़ा ग्रामीणों का उत्साह
इस वर्ष शासन ने तेंदूपत्ता दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी है।
बढ़े हुए भुगतान से तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले परिवारों की आय में सीधा फायदा होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
🔹 डिजिटल भुगतान से मिल रही राहत
वनोपज समितियों ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है।
गड्डियों की जांच आधुनिक तरीके से की जा रही है और भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
इससे ग्रामीणों को समय पर पारिश्रमिक मिल पा रहा है।
🔹 महिलाओं की मेहनत बनी आर्थिक ताकत
तेंदूपत्ता संग्रहण में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
पत्तों की छंटाई, गड्डियां तैयार करना और सुरक्षित संग्रहण जैसे कार्य महिलाएं संभाल रही हैं।
रामपुर में तेंदूपत्ता संग्रहण अब ग्रामीण स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन चुका है।



