AI Ad Fraud Report 2025: रिपोर्ट में क्या सामने आया?
डिजिटल फ्रॉड पर काम करने वाली कंपनी
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ने साल 2025 में अपनी पहली Ad Fraud Intelligence Report जारी की है।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि:
- AI-बेस्ड फ्रॉड अब साधारण बॉट्स तक सीमित नहीं रहा
- ये सिस्टम अब इंसानों की तरह व्यवहार कर रहे हैं
- प्रीमियम वेबसाइट्स और ऐप्स भी इससे सुरक्षित नहीं हैं
🧠 AI कैसे इंसानों जैसा बर्ताव कर रहा है?
रिपोर्ट के अनुसार, नए AI फ्रॉड सिस्टम:
- माउस मूवमेंट और स्क्रॉलिंग को कॉपी करते हैं
- तय समय तक पेज पर रुकते हैं
- अलग-अलग डिवाइस और लोकेशन से एक्टिविटी दिखाते हैं
- यहां तक कि खरीद की नीयत (Purchase Intent) भी दिखा देते हैं
यानी:
👉 ये बॉट्स अब सिर्फ मशीन नहीं रहे,
बल्कि डिजिटल इंसान बन चुके हैं।
💸 12% मार्केटिंग बजट कैसे हो रहा है बर्बाद?
AI Ad Fraud के कारण:
- फर्जी क्लिक
- नकली इम्प्रेशन
- झूठे इंस्टॉल
- और बेकार लीड्स
ब्रांड्स और कंपनियां:
👉 असली कस्टमर समझकर पैसा खर्च कर देती हैं
लेकिन रिटर्न जीरो मिलता है।
रिपोर्ट के मुताबिक:
हर 100 रुपये में से करीब 12 रुपये सीधे फ्रॉड की भेंट चढ़ रहे हैं।
📉 पूरे इंडस्ट्री पर क्या असर?
इस AI फ्रॉड का असर सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है:
- ❌ डिजिटल विज्ञापन पर भरोसा घट रहा है
- ❌ डेटा की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं
- ❌ ROI और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स गुमराह कर रहे हैं
यही वजह है कि रिपोर्ट में
👉 Trust, Transparency और Full-Funnel Intelligence
को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया है।
🔍 Full-Funnel Intelligence क्यों जरूरी?
पहले कंपनियां सिर्फ:
- क्लिक
- इम्प्रेशन
तक सीमित रहती थीं
अब जरूरत है:
- क्लिक से लेकर कन्वर्ज़न तक
- यूज़र की पूरी जर्नी समझने की
- असली और नकली बिहेवियर में फर्क करने की
तभी AI फ्रॉड को रोका जा सकता है।
🛡️ इससे बचाव का रास्ता क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार समाधान हैं:
- एडवांस AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन
- थर्ड-पार्टी ऑडिट और ट्रांसपेरेंसी
यानी:
👉 AI से लड़ने के लिए और ज्यादा स्मार्ट AI चाहिए।






