14 मार्च को होगा शिलालेखों की प्रतिकृतियों का लोकार्पण
उत्तर प्रदेश के Prayagraj में सम्राट अशोक के ऐतिहासिक शिलालेखों की प्रतिकृतियों का लोकार्पण 14 मार्च को किया जाएगा। यह कार्यक्रम नैनी क्षेत्र के अरैल स्थित सम्राट हर्षवर्धन बुद्ध विहार में आयोजित होगा।
महान शासक थे सम्राट अशोक
मौर्य काल के महान शासक Ashoka the Great ने अपने शासनकाल में कुशल नीतियों के माध्यम से देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत बनाया था।
उन्होंने Gautama Buddha के धम्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया और “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
19 शिलालेखों की प्रतिकृतियां स्थापित
बौद्ध कम्यून इंटरनेशनल द्वारा बुद्ध विहार परिसर में सम्राट अशोक के 14 प्रमुख शिलालेखों सहित कुल 19 शिलाओं की प्रतिकृतियां काले ग्रेनाइट पत्थर पर अंकित कर स्थापित की गई हैं।
इन शिलालेखों के माध्यम से भगवान बुद्ध के धम्म संदेशों को समाज तक दोबारा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
समाज को धम्म संदेश से जोड़ने का प्रयास
आयोजकों का कहना है कि समय के साथ कई शिलालेख संरक्षण के अभाव और आक्रमणों के कारण नष्ट हो गए। इसलिए उपलब्ध शिलालेखों की प्रतिकृतियां तैयार कर समाज के सामने प्रस्तुत करने की पहल की गई है।
इसका उद्देश्य लोगों को इतिहास से जोड़ना और धम्म के संदेशों से प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना
शिलालेखों की प्रतिकृतियों का लोकार्पण 14 मार्च को सुबह 11 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में Keshav Prasad Maurya मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।



