भोपाल में आज से ऐतिहासिक ‘महाभारत समागम’
भोपाल, 16 जनवरी (हि.स.)। वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर आधारित देश का पहला और सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन आज से भोपाल में शुरू हो रहा है। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित नौ दिवसीय “महाभारत समागम” का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 7:30 बजे भारत भवन में करेंगे। यह आयोजन 16 से 24 जनवरी तक चलेगा।
क्या-क्या होगा इस समागम में
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस समागम में महाभारत के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा—
- नाटक और नृत्य-नाट्य
- कठपुतली कार्यशाला
- लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियां
- अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल
- इमर्सिव डोम थिएटर
- “नेपथ्य, अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह और पताकाएं” प्रदर्शनी
- महाभारत आधारित चित्र प्रदर्शनी
- भारतीय कठपुतली कला प्रदर्शन
- पुस्तकों का लोकार्पण — सभ्यताओं की सांस (वैश्विक कविताएं) और भूली-बिसरी सभ्यताएं
युद्ध नहीं, शांति का संदेश
तिवारी ने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध, हिंसा और सभ्यताओं के टकराव से गुजर रही है, महाभारत हमें संवाद, करुणा और विवेक का मार्ग दिखाता है। श्रीकृष्ण ने युद्ध से पहले शांति के लिए हर संभव प्रयास किया—यह संदेश आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने बताया कि महाभारत युद्ध में 185 से अधिक जनजातियां शामिल थीं।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
इस समागम में इंडोनेशिया, श्रीलंका और जापान के प्रतिष्ठित नाट्य समूह भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भविष्य में इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना है।
गीता ज्ञान प्रतियोगिता पुरस्कार
कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा—
- प्रथम पुरस्कार (₹1 लाख): दीक्षा सिंह (रायसेन) एवं हिमांशी मिश्रा (भोपाल)
- द्वितीय पुरस्कार (₹51,000): भुवनेश कैन (ग्वालियर)
- तृतीय पुरस्कार (₹21,000): मान्या भटनागर (ग्वालियर), गोविंद सिंह (छिंदवाड़ा), कार्तिक (हरदा




