⚖️ भोजशाला पर नया कानूनी मोर्चा
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में Bhojshala dispute फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
हिंदू पक्ष ने नई याचिका दाखिल कर बड़ा सवाल उठाया है।
🕉️ बसंत पंचमी पर रोक की मांग
याचिका में कहा गया है कि इस शुक्रवार बसंत पंचमी है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय की नमाज रोकी जाए।
सिर्फ हिंदुओं को पूजा-अर्चना की अनुमति मिले।
📜 ASI के आदेश पर विवाद
07 अप्रैल 2023 के ASI आदेश के अनुसार:
- मंगलवार और बसंत पंचमी को हिंदू पूजा कर सकते हैं।
- शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे मुस्लिम नमाज पढ़ सकते हैं।
लेकिन आदेश यह स्पष्ट नहीं करता कि—
अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़े तो क्या होगा?
🏛️ मंदिर होने का दावा
याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा:
- भोजशाला 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनाया गया मंदिर है।
- कोर्ट-निर्देशित सर्वे में भी मंदिर के साक्ष्य मिले हैं।
🔥 हिंदू पक्ष की आपत्ति
याचिका में कहा गया है कि ASI का आदेश ही गलत है।
बसंत पंचमी मां सरस्वती की सबसे बड़ी पूजा का दिन है।
इस दिन हवन, आरती और अनुष्ठान निर्बाध होने चाहिए।
गर्भगृह की पवित्रता बनी रहनी चाहिए।
🚫 नमाज पर आपत्ति क्यों?
हिंदू पक्ष का तर्क है कि:
- नमाज से पूजा में बाधा पड़ती है।
- धार्मिक अनुष्ठान बाधित होते हैं।
- यह दिन पूरी तरह मंदिर पूजा के लिए होना चाहिए।
🧾 अब क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा।
फैसला बसंत पंचमी से पहले आ सकता है।
📌 बड़ा सवाल
क्या अदालत बसंत पंचमी पर सिर्फ पूजा की अनुमति देगी?
यही Bhojshala dispute का सबसे अहम मोड़ है।




