📍 आयोजन स्थल
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के
राजीव गांधी दक्षिण परिसर (आर.जी.एस.सी.), बरकछा, वाराणसी में
तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
🎯 कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य:
- खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना
- प्रशिक्षकों और रेफरी को आधुनिक प्रशिक्षण देना
- खेल में मानकीकृत नियमों की समझ विकसित करना
📚 क्या सिखाया जा रहा है?
दूसरे दिन प्रतिभागियों को:
- सॉफ्टबॉल के नवीनतम नियम
- ऑफिशिएटिंग मैकेनिक्स
- कोचिंग तकनीक
- स्कोरिंग सिस्टम
- प्रतियोगिता प्रबंधन
- शारीरिक फिटनेस
👉 इन सभी विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया
👨🏫 विशेषज्ञों की मौजूदगी
- प्रो. बी.एम.एन. कुमार (आचार्य प्रभारी)
- प्रो. ए. के. नेमा (स्पोर्ट्स बोर्ड महासचिव)
- पंकज सिंह (ICMR, स्वास्थ्य मंत्रालय)
- जितेंद्र मेवारा (खेल निदेशक, सेंट जोसेफ कॉलेज)
👉 सभी विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अनुशासन पर जोर दिया
🌍 सॉफ्टबॉल का महत्व
- सॉफ्टबॉल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय खेल है
- इसकी शुरुआत 1887 में शिकागो में हुई
- यह बेसबॉल जैसा खेल है, लेकिन छोटे मैदान और 7 पारियों में खेला जाता है
🚀 खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
इस तरह की कार्यशालाएं:
- खिलाड़ियों को प्रोफेशनल बनाती हैं
- खेलों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाती हैं
- भारत में सॉफ्टबॉल के विकास को गति देती हैं



