ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में छत्तीसगढ़ में दवा दुकानें बंद
ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ विरोध जताते हुए आज बुधवार को छत्तीसगढ़ में थोक और रिटेल दवा व्यापारियों ने प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस दौरान राज्यभर की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहेंगी।
नकली दवाओं और भारी छूट पर उठाए सवाल
दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां नियमों को दरकिनार कर दवाओं पर अत्यधिक छूट दे रही हैं। साथ ही बिना उचित सत्यापन के नकली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री भी की जा रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स का मिला समर्थन
डिस्ट्रिक ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसियेशन और कंफेडरेशन ऑफ फॉर्म डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स से मुलाकात कर बंद को समर्थन देने की मांग की थी। इसके बाद चेम्बर ने इस आंदोलन को नैतिक और पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
युवाओं में बढ़ रहा दुरुपयोग
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी दवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिन्हें केवल डॉक्टर की पर्ची पर दिया जाना चाहिए। इससे युवाओं में नशे और दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ रहा है।
केवल अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे
बंद के दौरान सिर्फ अस्पताल परिसरों में संचालित मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे ताकि मरीजों को आपातकालीन दवाएं मिलती रहें। शहरों और कस्बों के स्वतंत्र मेडिकल स्टोर और थोक दवा बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
दवा व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी कारोबार पर सख्त निगरानी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन केवल व्यापार नहीं बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए है।



