शक्ति पर्व 2026 में महिला नेतृत्व पर जोर
भारत की राजधानी New Delhi में आयोजित ‘शक्ति पर्व 2026’ कार्यक्रम में भारत में Diana Mickeviciene ने कहा कि वैश्विक समाज के विकास में महिलाओं का नेतृत्व और उनकी रचनात्मकता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह कार्यक्रम Indira Gandhi National Centre for the Arts (आईजीएनसीए) के ‘नारी संवाद प्रकल्प’ के तहत आयोजित किया गया, जो महिलाओं की उपलब्धियों और समाज में उनकी भूमिका को समर्पित रहा।
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को मिलता है बढ़ावा
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डायना मिकेविचेने ने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करते हैं और महिलाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच प्रदान करते हैं।
भारतीय परंपरा में नारी शक्ति का महत्व
आईजीएनसीए के सदस्य सचिव Sachchidanand Joshi ने कहा कि ‘नारी संवाद प्रकल्प’ भारतीय परंपरा में निहित स्त्री शक्ति के विविध आयामों को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में नारी को सृजन, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है और ऐसे आयोजन इस परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हैं।
साहित्यिक और सांस्कृतिक सत्रों का आयोजन
कार्यक्रम में साहित्य से लेकर संगीत तक कई सत्र आयोजित किए गए। काव्य गोष्ठी में University of Delhi और Jawaharlal Nehru University की विदुषियों—प्रो. मीरा द्विवेदी, डॉ. ममता त्रिपाठी, डॉ. अंशु जोशी और डॉ. सोनी पांडेय—ने अपनी कविताओं के माध्यम से नारी शक्ति पर विचार प्रस्तुत किए।
प्रेरणादायक महिलाओं ने साझा किए अनुभव
पैनल चर्चा में Jyoti Ratre, वैदिक पुरोहित आचार्य श्रुति शास्त्री, कमर्शियल पायलट कैप्टन दिशा भोरिया और कैब ड्राइवर बबली जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए।
संगीत कार्यक्रम में दिखा परंपरा और आधुनिकता का संगम
दोपहर के सत्र में पखावज, तबला और हारमोनियम की जुगलबंदी के साथ डॉ. जया तिवारी के नेतृत्व में बैंड परफॉर्मेंस प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारतीय शास्त्रीय और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला।
महिलाओं के योगदान को मंच देने की पहल
‘शक्ति पर्व’ का मुख्य उद्देश्य कला, शिक्षा और साहस के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को एक साझा मंच प्रदान करना है।



