यमुनानगर: किसानों ने मांगों को लेकर पंजाब के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

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यमुनानगर, 28 मार्च (हि.स.)। किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की दमनकारी बर्बरता को रोकने के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल पंजाब सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर भाकियू (टिकैत) के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर व अखिल भारतीय किसान सभा के जरनैल सिंह सांगवान ने कहा कि पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की जायज मांगों के लिए चल रहे संघर्ष के खिलाफ पुलिस के जरिए दमनजारी अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि देश के संविधान के अनुसार देश के नागरिकों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है, लेकिन पिछले दिनों संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चंडीगढ़ में पांच मार्च से किया जा रहे किए जाने वाले सात दिवसीय धरने को तारपीडो कर पूरे प्रदेश को खुली जेल में बदल दिया गया। 19 मार्च को केंद्र सरकार के मंत्रियों से बातचीत कर लौट रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। शंभू और खनोरी में बुलडोजर चलाकर किसानों के धरना स्थलों को जबरन उठा दिया गया। ट्रैक्टर ट्रालियों सहित किसानों के उपकरण तोड़ दिए गए। बड़े पैमाने पर सामान चोरी की खबरें भी हमें मिली है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पुलिस राज स्थापित कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त करना इसका ज्वलंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य न्यायप्रिय जन संगठन मांग करते हैं कि पुलिस द्वारा किया जा रहा अंधाधुंध बल प्रयोग बंद किया जाए तथा जनता के संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल किया जाए। गिरफ्तार और जेल में बंद सभी किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाए। किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों सहित सभी उपकरण वापस किया जाए। क्षतिग्रस्त व चोरी हुए सामान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो किसानों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

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