🔹 Ghooskhore Pandit Film Controversy ने पकड़ा तूल
फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
Ghooskhore Pandit Film Controversy के बाद प्रचार सामग्री हटाने की घोषणा की गई।
🔹 निर्माता का बड़ा फैसला
फिल्म के निर्माता नीरज पांडेय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया।
उन्होंने कहा कि Ghooskhore Pandit Film Controversy को देखते हुए प्रोमो हटाए जा रहे हैं।
🔹 भावनाएं आहत होने का मुद्दा
निर्माता ने स्पष्ट किया कि फिल्म काल्पनिक है और मनोरंजन के लिए बनाई गई है।
हालांकि Ghooskhore Pandit Film Controversy में कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है।
🔹 हाई कोर्ट में दायर याचिका
दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी।
Ghooskhore Pandit Film Controversy को लेकर कानूनी बहस शुरू हुई।
🔹 समुदाय की गरिमा का सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म से ब्राह्मण समुदाय की छवि प्रभावित होती है।
इसी कारण Ghooskhore Pandit Film Controversy ने संवैधानिक पहलू भी उठाए।
🔹 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सवाल
फिल्म का प्रमोशन नेटफ्लिक्स इंडिया पर किया गया था।
Ghooskhore Pandit Film Controversy ने ओटीटी नियमन पर भी बहस छेड़ी है।
🔹 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम मर्यादा
याचिका में अनुच्छेद 19 और उसकी सीमाओं का जिक्र किया गया।
Ghooskhore Pandit Film Controversy अब अभिव्यक्ति और सामाजिक सम्मान के बीच संतुलन का मुद्दा बन गई है।
🔹 आगे क्या होगा
मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
Ghooskhore Pandit Film Controversy पर अगला फैसला अदालत में तय होगा।




