🔹 गिफ्ट डीड से दी गई जमीन के ट्रांसफर पर हाईकोर्ट का स्टे
राजस्थान हाईकोर्ट ने चूरू जिले में पिता द्वारा छोटे बेटे को गिफ्ट डीड के जरिए दी गई 30 बीघा कृषि भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। यह आदेश भूमि विवाद से जुड़ी एक दीवानी अपील पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
🔹 पिता ने छोटे बेटे को दान कर दी थी जमीन
मामला चूरू जिले की तारानगर तहसील के हमीरदेसर गांव का है, जहां 30 बीघा कृषि भूमि रामरख पुत्र लादूराम के नाम दर्ज थी। रामरख ने यह जमीन अपने छोटे बेटे साहब राम के नाम गिफ्ट डीड के जरिए दान कर दी थी। इस प्रक्रिया में उन्होंने अपने अन्य बेटों और बेटियों को कोई हिस्सा नहीं दिया था।
🔹 बड़े बेटे ने गिफ्ट डीड को दी चुनौती
इस गिफ्ट डीड को चुनौती देते हुए रामरख के बेटे जसवंत ने अपर जिला न्यायालय, रावतसर (हनुमानगढ़) में दीवानी वाद दायर किया था। हालांकि, यह याचिका 17 सितंबर 2025 को खारिज कर दी गई थी। इसके बाद जसवंत ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की।
🔹 हाईकोर्ट में रखे गए महत्वपूर्ण तर्क
अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता निखिल भंडारी ने अदालत को बताया कि रामरख लगभग 90 वर्ष के बुजुर्ग और अस्वस्थ हैं, जिनकी निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विवादित भूमि पैतृक संपत्ति है, जिसमें जसवंत सहित अन्य परिजनों का भी हक है।
🔹 कोर्ट ने जारी किया नोटिस और स्टे ऑर्डर
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मुकेश राजपुरोहित ने तर्कों से सहमति जताते हुए मामले में सभी संबंधित पक्षों—रामरख के अन्य बेटे, पत्नी, बेटियां और प्रशासनिक अधिकारियों—को नोटिस जारी किया।
साथ ही अदालत ने गिफ्ट डीड पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए पूरी भूमि के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर स्टे ऑर्डर जारी कर दिया है।




