Hooghly DPSC Case: जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद को अवैध ठहराने के आदेश पर कलकत्ता हाईकोर्ट की रोक

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🔹 Hooghly DPSC Case में बड़ी कानूनी राहत

शिक्षक स्थानांतरण से जुड़े मामले में अहम मोड़ आया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हुगली जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद को अवैध ठहराने के आदेश पर रोक लगा दी है।

🔹 खंडपीठ का अंतरिम आदेश

न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने परिषद को फिलहाल कार्य जारी रखने की अनुमति दी है।
हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया है कि संबंधित सभी दस्तावेज खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।

🔹 एकल पीठ का क्या था आदेश

इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा था कि
हुगली जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद
का गठन नियमों के अनुरूप नहीं हुआ है।
इसी आधार पर परिषद को अवैध घोषित किया गया था।

🔹 परिषद के अधिकारों पर सवाल

एकल पीठ ने यह भी कहा था कि परिषद को अध्यक्ष या अन्य पदाधिकारियों के माध्यम से निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है।
साथ ही, ऐसे सभी आदेशों को अमान्य बताया गया था।

🔹 खंडपीठ में दी गई दलील

परिषद की ओर से अधिवक्ता विश्वब्रत बसु मलिक ने कहा कि
डीपीएससी भर्ती, स्थानांतरण और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े सभी कार्य संभालती है।
एकल पीठ के आदेश से पूरा तंत्र ठप हो गया था।

🔹 राज्य स्तर पर असर टला

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि खंडपीठ की रोक से
पूरे राज्य की प्राथमिक विद्यालय परिषदों में संभावित प्रशासनिक संकट टल गया है।

🔹 मामला कैसे शुरू हुआ

यह विवाद शिक्षिका चंदना भुई के स्थानांतरण से जुड़ा है।
उन्होंने स्थानांतरण को अवैध बताते हुए अदालत में याचिका दायर की थी।
इसी सुनवाई के दौरान परिषद को अवैध ठहराया गया था।

🔹 आगे की सुनवाई अहम

अब Hooghly DPSC Case में अगली सुनवाई में यह तय होगा
कि परिषद का वैधानिक दर्जा क्या रहेगा।

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