भारत का बड़ा औद्योगिक कदम
भारी उद्योग मंत्रालय ने देश में उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक अहम पहल की है।
सरकार ने रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) निर्माण इकाइयों के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित की हैं।
क्या है योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में रेयर अर्थ मैग्नेट का घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
यह मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
निर्माण क्षमता और तकनीक
योजना के तहत:
- कुल क्षमता: 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA)
- तकनीक: NdFeB आधारित सिंटर्ड मैग्नेट
- एकीकृत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना
पारदर्शी निविदा प्रक्रिया
टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी:
- प्लेटफॉर्म: केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (CPP) पोर्टल
- प्रक्रिया: दो चरण (तकनीकी + वित्तीय बोली)
- सिस्टम: न्यूनतम लागत प्रणाली (LCS)
📅 महत्वपूर्ण तिथियां:
- अंतिम तिथि: 28 मई
- तकनीकी बोली खुलना: 29 मई
7,280 करोड़ रुपये की योजना
यह पहल नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई योजना का हिस्सा है।
- कुल बजट: ₹7,280 करोड़
- मंजूरी तिथि: 26 नवंबर 2025
क्यों है यह अहम
रेयर अर्थ मैग्नेट का उपयोग:
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EV)
- पवन ऊर्जा (Wind Turbines)
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- रक्षा उपकरण
इसलिए यह कदम भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाएगा।



