🔹 जॉनबील मेले का शुभारंभ
असम के जागीरोड में Jonbeel Mela 2026 की शुरुआत हो गई है।
यह ऐतिहासिक मेला 24 जनवरी तक जॉनबील के तट पर चलेगा।
🔹 पूजा-अर्चना से हुई शुरुआत
मेले का आरंभ देवशाल चारिभाई शिवथान में पूजा के साथ हुआ।
यह परंपरा गोभा देवराजा काल से चली आ रही है।
🔹 सदियों पुरानी विनिमय प्रथा
Jonbeel Mela 2026 की सबसे बड़ी खासियत वस्तु-विनिमय प्रणाली है।
यहां लोग पैसे के बजाय सामान से सामान की अदला-बदली करते हैं।
🔹 तिवा संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन
मेले में पहाड़ी इलाकों से ‘मामा-मामी’ समुदाय पहुंचा है।
इससे Jonbeel Mela 2026 में तिवा जनजीवन की झलक दिखी।
🔹 ध्वजारोहण और उद्घाटन
सुबह ध्वजारोहण के साथ कई पारंपरिक भवनों का उद्घाटन हुआ।
इससे Jonbeel Mela 2026 का माहौल और उत्सवी बन गया।
🔹 23 जनवरी के प्रमुख आयोजन
23 जनवरी को ऐतिहासिक विनिमय हाट का उद्घाटन होगा।
इसके बाद सामूहिक मछली पकड़ने का आयोजन Jonbeel Mela 2026 का आकर्षण रहेगा।
🔹 राजदरबार और मुख्यमंत्री की सहभागिता
तिवा परंपरा के अनुसार राजदरबार आयोजित किया जाएगा।
हिमंत विश्व शर्मा 22 तिवा राजाओं को राजभत्ता देंगे।
🔹 संस्कृति और स्वाद का संगम
मेले में कवि सम्मेलन, लोकनृत्य और संगीत कार्यक्रम हो रहे हैं।
स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी Jonbeel Mela 2026 को खास बना रही है।
🔹 परंपरा का जीवित उदाहरण
Jonbeel Mela 2026 केवल मेला नहीं, जीवित विरासत है।
यह आयोजन असम की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देता है।




