अमेरिकी टैरिफ से झटका
कानपुर के चमड़ा उद्योग पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का बड़ा असर पड़ा है। इससे करीब 20 प्रतिशत व्यापार रुक गया और करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
व्यापारियों की रणनीति
कानपुर चमड़ा उद्योग के पदाधिकारियों की बैठक में यह तय किया गया कि अब अमेरिका के बजाय अन्य देशों में व्यापार बढ़ाया जाएगा। अफ्रीका और रूस जैसे बाजारों में निर्यात पर ध्यान दिया जाएगा।
उद्योग का दायरा
कानपुर में 400 से अधिक टेनरियां हैं। यह उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आठ से दस लाख लोगों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा है। अमेरिका से व्यापार बंद होने पर डेढ़ से दो लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं।
टैरिफ का विस्तार
पहले 6–12 प्रतिशत शुल्क लगता था, अब अमेरिकी टैरिफ बढ़कर 56–62 प्रतिशत हो गया। इस वजह से माल महंगा हो गया और व्यापार को बड़ा झटका लगा।
व्यापारियों की अपील
लेदर कारोबारी अबरार अहमद ने कहा कि दूसरे देशों में व्यापार आसान नहीं होगा। उन्हें सरकार से जल्द मदद की जरूरत है, ताकि उद्योग फिर से पटरी पर लौट सके।
निष्कर्ष
कानपुर चमड़ा उद्योग ने अमेरिकी टैरिफ के दबाव में नई रणनीति अपनाई है। भारत के अन्य बाजारों और रूस-अफ्रीका जैसे देशों में निर्यात बढ़ाकर व्यापार को बनाए रखने की कोशिश जारी है।