खड़गपुर में हाई-प्रोफाइल मुकाबला
खड़गपुर में इस बार खड़गपुर चुनाव मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
भाजपा ने दिलीप घोष को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने प्रदीप सरकार पर दांव लगाया है।
‘बाड़ीर छेले’ बनाम अनुभवी नेता
प्रदीप सरकार खुद को “खड़गपुर का बेटा” बताते हुए मैदान में उतरे हैं।
उन्होंने दिलीप घोष को “कोई फैक्टर नहीं” बताते हुए सीधा हमला बोला है।
पिछला चुनावी रिकॉर्ड
- 2019 उपचुनाव: प्रदीप सरकार ने जीत दर्ज की
- 2021 विधानसभा: उन्हें हार का सामना करना पड़ा
दूसरी ओर, दिलीप घोष 2016 में पहली बार विधायक बने और 2019 में सांसद भी रहे।
विकास बनाम पहचान की राजनीति
प्रदीप सरकार ने स्थानीय मुद्दों और पहचान को प्रमुख बनाया है।
वहीं भाजपा दिलीप घोष के अनुभव और संगठन की ताकत पर भरोसा कर रही है।
भाजपा का दावा
भाजपा नेताओं का कहना है कि खड़गपुर की जनता उनके साथ है।
हालांकि तृणमूल ने भी मजबूत उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को कड़ा बना दिया है।
दिलचस्प होगा मुकाबला
👉 कुल मिलाकर, खड़गपुर चुनाव मुकाबला में “स्थानीय चेहरा बनाम मजबूत नेतृत्व” की सीधी टक्कर देखने को मिलेगी, जिसका परिणाम बेहद रोचक हो सकता है।



