🕉️ महाकुंभ को लेकर बढ़ा विवाद
प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ मेला शुरू होने जा रहा है।
इसी बीच आयोजन को लेकर विवाद भी सामने आया है।
📢 Devanand Giri ने दिया जवाब
निरंजनी अखाड़े के महंत Devanand Giri ने बयान जारी किया।
उन्होंने वक्फ जमीन के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
⚠️ वक्फ जमीन के दावे पर प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि पूरी धरती सनातन परंपरा से जुड़ी है।
उन्होंने ऐसे बयानों को अनुचित बताया।
🗣️ धार्मिक आयोजन को बताया महत्वपूर्ण
Devanand Giri ने कहा महाकुंभ धर्म और आस्था का आयोजन है।
इसे लेकर किसी तरह का विवाद उचित नहीं है।
🌍 सभी को शामिल होने का दिया संदेश
उन्होंने कहा महाकुंभ में सभी धर्मों के लोगों को शामिल होना चाहिए।
यह आयोजन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
⛺ महापूर्ण कुंभ का महत्व बताया
उन्होंने बताया कि 12 कुंभ के बाद महापूर्ण कुंभ आयोजित होता है।
इसका धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है।
📍 महाकुंभ की तैयारियां तेज
प्रयागराज में आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
📊 Devanand Giri से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | Devanand Giri |
| पद | महंत, निरंजनी अखाड़ा |
| आयोजन | महाकुंभ प्रयागराज |
| विवाद विषय | वक्फ जमीन दावा |
| आयोजन अवधि | 13 जनवरी से 26 फरवरी |
| मुख्य संदेश | महाकुंभ धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन |
| धार्मिक महत्व | महापूर्ण कुंभ विशेष महत्व |
🔎 महाकुंभ का आध्यात्मिक महत्व
महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है।
यह आयोजन सनातन संस्कृति और परंपराओं को दर्शाता है।



