जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए सदन चलना जरूरी: मायावती
लखनऊ, 1 दिसंबर (हि.स.)। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इसे जनहित के मुद्दों पर गंभीर विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके, इसके लिए संसद का शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन बेहद आवश्यक है।
हंगामे की आशंका पर मायावती का संदेश
मायावती ने एक्स पर कहा कि हर सत्र की तरह इस बार भी हंगामे की संभावना जताई जा रही है, लेकिन बसपा चाहती है कि सत्ता और विपक्ष दोनों मिलकर संसद को व्यवस्थित तरीके से चलने दें।
उन्होंने कहा—“देश व जनहित के अहम मुद्दों पर चर्चा होना लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है।”
इन मुद्दों पर चर्चा की वकालत
बसपा प्रमुख ने खासकर दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जरूरत जताई—
- दिल्ली समेत बड़े शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण, जिससे जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है।
- वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें और नागरिकों की शिकायतें।
उन्होंने कहा कि संसद में इन मुद्दों का सही समाधान निकालने की दिशा में गंभीर प्रयास होने चाहिए।
सत्ता–विपक्ष को दी नसीहत
मायावती ने कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से देश का भला नहीं होने वाला।
उन्होंने दोनों पक्षों से अपील की कि—
“राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर संवेदनशीलता और गंभीरता से सदन चलाएं, ताकि व्यापक जनहित साधा जा सके।”
जनता की उम्मीदें संसद से जुड़ी हैं
उन्होंने कहा कि संसद वही मंच है जहां जनता की समस्याओं को आवाज मिलती है और उसका समाधान ढूंढा जाता है। इसलिए सत्र का बाधित होना जनहित के खिलाफ है।




