मीनाक्षी नटराजन फिर सुर्खियों में
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद मीनाक्षी नटराजन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं। इस घटनाक्रम के बीच उनके जीवन से जुड़ी कई पुरानी बातें भी सामने आ रही हैं।
नागदा से जुड़ा है गहरा रिश्ता
बहुत कम लोग जानते हैं कि मीनाक्षी नटराजन का उज्जैन जिले के नागदा शहर से गहरा संबंध रहा है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नागदा में ही हुई थी। उन्होंने वर्ष 1975 से 1988 तक यहां के कॉन्वेंट स्कूल में अध्ययन किया।
परिवार का रहा नागदा में निवास
मीनाक्षी नटराजन के पिता ए.आर. नटराजन बिरलाग्राम स्थित एक औद्योगिक इकाई में प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के कारण पूरा परिवार लंबे समय तक नागदा में रहा। इसी दौरान मीनाक्षी नटराजन ने अपने बचपन और स्कूली शिक्षा का महत्वपूर्ण समय यहां बिताया।
पढ़ाई के दौरान दिखी नेतृत्व क्षमता
स्कूल के दिनों में मीनाक्षी नटराजन की रुचि वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में काफी रही। शिक्षकों के अनुसार, वह पढ़ाई के साथ विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय भाग लेती थीं। यही गुण आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन में भी दिखाई दिए।
युवा राजनीति से बनाई पहचान
प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने इंदौर में उच्च शिक्षा प्राप्त की। बाद में उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्ष 2002 में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं।
नागदा की यादें आज भी खास
राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ने के बावजूद मीनाक्षी नटराजन ने कई अवसरों पर नागदा से जुड़ी अपनी यादों का उल्लेख किया। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस शहर से अपने भावनात्मक जुड़ाव को भी साझा किया था।



