रुद्रप्रयाग, 28 फ़रवरी (हि.स.)। भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के साथ मिलकर माॅक ड्रिल किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग को विषम परिस्थितियों से त्वरित निपटने के लिए ठोस तैयारियों के निर्देश दिए, जिससे कम से कम समय में राहत व बचाव कार्य पूरा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए भूकंप प्रभावित क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य का अभ्यास किया गया।
इस दौरान रेस्क्यू टीम का रिस्पांस टाइम के साथ ही अस्पताल में घायलों के उपचार का जायजा लिया गया। साथ ही भूकंप से प्रभावित नागरिक सुविधाओं को कम से कम समय में बहाल करने पर भी जोर दिया गया। मॉक ड्रिल में भूकंप के कारण एक घर में रसोई गैस सिलिंडर फटने से आग लगने और अन्य कई जगहों पर पेड़ों के उखड़ने से उपजे हालातों से निपटने में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों की मदद से राहत कार्य का रिस्पांस टाइम भी देखा गया। इसके अलावा मॉक ड्रिल से अन्य जगह पर भूस्खलन से मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत व बचाव कार्य का भी निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी डा. सौरभ गहरवार की निगरानी में चले मॉक ड्रिल में भूकंप, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में सभी सुरक्षा कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग की गई। इधर, एडीएम श्याम सिंह राणा ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आंकलन करना था। इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पूर्ति विभाग सहित अन्य एजेंसियों की समन्वय क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया की परख की गई। बताया कि सभी विभागों ने अपने दायित्वों को कुशलता से निभाया है।