नायब सिंह सैनी बोले – अमृतकाल में प्रवेश कर रहा भारत, भाजपा कार्यालय बनें जनता की चौपाल!

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भाजपा कार्यालय अब सेवा और जनसंवाद के केंद्र — सीएम नायब सिंह सैनी

  • नई दिल्ली/चंडीगढ़, 6 जुलाई (हि.स.)।
    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है
  • कि भारत अब अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है
  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
  • ऐसे में भाजपा के नवनिर्मित जिला कार्यालय संगठन को न केवल मजबूती देंगे, बल्कि ये जनता की चौपाल बनकर सेवा और संवाद के केंद्र बनेंगे।

वे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा वर्चुअली झज्जर, कुरुक्षेत्र और सिरसा के कार्यालयों के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

भाजपा कार्यालय — सेवा, संकल्प और संवाद का संगम

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इन कार्यालयों से पार्टी कार्यकर्ताओं को बेहतर वातावरण मिलेगा और वे सेवा की भावना से प्रेरित होकर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को आगे बढ़ाएंगे।

उन्होंने कहा —

“ये कार्यालय केवल भवन नहीं, सेवा और संस्कार के मंदिर हैं। यहां से अंत्योदय की साधना होगी, जनता की समस्याओं का समाधान होगा और सरकार की योजनाएं हर घर तक पहुंचेंगी।”

जनसंघ संस्थापक को समर्पित दो वर्ष

कार्यक्रम में सीएम सैनी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि

उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर दो वर्षों तक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ा जाएगा।

भाजपा—परिवारवाद नहीं, परिश्रम का पुरस्कार

सैनी ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि भाजपा उन दलों से अलग है जिनके कार्यालय परिवारों की निजी संपत्ति बन चुके हैं। उन्होंने कहा—

“भाजपा में एक पोस्टर लगाने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण नरेंद्र मोदी हैं।”

अमृतकाल में संगठन की शक्ति

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बन चुकी है,
  • जिसमें 14 करोड़ से अधिक सदस्य और हरियाणा में 46 लाख कार्यकर्ता हैं।
  • अब तक राज्य के 20 जिलों में कार्यालय बन चुके हैं
  • अगस्त के अंत तक शेष दो (पानीपत, महेन्द्रगढ़) भी पूरे हो जाएंगे।
  • नवीन कार्यालयों में मल्टीपरपज हॉल, मीडिया सेंटर, अटल सेवा केंद्र, पुस्तकालय व कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी।

उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि—

“जब संसाधन नहीं थे, तब भी कार्यकर्ता दरी बिछाकर संगठन को मजबूत करते थे। आज के ये भव्य कार्यालय उन्हीं के समर्पण का प्रतीक हैं।”

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