नेपाल सरकार का बड़ा फैसला
नेपाल सरकार ने सार्वजनिक पदाधिकारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से गठित संपत्ति जांच आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण जमा करने का निर्देश दिया है।
किन लोगों को देना होगा विवरण
आयोग के अनुसार, वर्तमान और पूर्व प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद और संविधान सभा के सदस्यों को संपत्ति विवरण देना होगा। इसके अलावा कई बड़े सरकारी अधिकारी भी इस दायरे में आएंगे।
विदेश की संपत्ति भी बतानी होगी
सरकार ने साफ कहा है कि नेपाल के साथ विदेशों में मौजूद संपत्तियों का भी पूरा रिकॉर्ड देना होगा। साथ ही परिवार के सदस्यों की संपत्ति विवरण जानकारी भी जमा करनी पड़ेगी।
सेना और पुलिस अधिकारी भी शामिल
इस आदेश में सेना, पुलिस और सशस्त्र प्रहरी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं सरकारी बैंक, सार्वजनिक संस्थान और विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ कर्मचारियों को भी संपत्ति विवरण देना अनिवार्य किया गया है।
एक महीने का दिया गया समय
आयोग ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को एक महीने के भीतर जानकारी जमा करने को कहा है। बताया गया कि शुरुआत में वर्ष 2006 के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों से संपत्ति विवरण मांगा जाएगा।
पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
नेपाल सरकार का कहना है कि इस कदम से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही सार्वजनिक पदों पर रहते हुए अर्जित संपत्तियों की जांच भी आसान हो सकेगी।



