मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष आर्थिक सहायता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, राज्य की सभी बेटियों को एकमुश्त 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने शैक्षिक, स्वास्थ्य और उद्यमिता सपनों को साकार कर सकें। इस पहल को राज्य सरकार के “शक्ति और समृद्धि” कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित किया गया है, जिसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना और लैंगिक समानता को सुनिश्चित करना है।

नई पहल: बेटियों को मिलेगी 50,000 रुपये की एकमुश्त सहायता

इस कार्यक्रम के तहत, 2026-27 के शैक्षणिक वर्ष में पंजीकृत सभी बेटियों को 50,000 रुपये की सहायता मिलेगी। सहायता का उपयोग वे अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं या किसी वैध व्यापार उद्यम के लिए कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता “समान अवसर” सुनिश्चित करेगी और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।

लक्षित लाभार्थी: सभी राज्य की बेटियाँ, चाहे शहरी हों या ग्रामीण

लाभार्थी सूची में 15 वर्ष से ऊपर की सभी बेटियाँ शामिल हैं। चाहे वे कॉलेज में पढ़ रही हों या घर पर काम कर रही हों, सभी को समान अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के तहत, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल और क्षेत्रीय केंद्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

सहायता के उपयोग के लिए मार्गदर्शक नियम

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सहायता का उपयोग केवल शैक्षणिक, स्वास्थ्य और वैध व्यापार उद्यमों के लिए ही किया जा सकता है। इसके अलावा, सहायता प्राप्त करने के बाद एक वर्ष के भीतर एक प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सहायता का सही और पारदर्शी उपयोग हो रहा है।

कार्यक्रम का सामाजिक प्रभाव और भविष्य की योजनाएँ

इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, जिससे राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस कार्यक्रम का विस्तार कर सभी महिलाओं को भी समान सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए नियमित सर्वेक्षण और रिपोर्टिंग की जाएगी।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह पहल महिलाओं के लिए एक नई दिशा तय करती है। 50,000 रुपये की सहायता से बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाएँ मिलेंगी। यह कदम लैंगिक समानता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के विकास के पथ को और भी उज्ज्वल बनाता है।