नशा मुक्त भारत के संकल्प के तहत 2 अक्टूबर 2026 को पटना के प्रमुख चौक से शुरू हुई पदयात्रा में राज्यपाल रमेन डेका ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशा विरोधी जागरूकता फैलाना और समाज के सभी वर्गों को एकजुट कर नशा-मुक्त भारत की दिशा में कदम बढ़ाना था। 10,000 से अधिक स्वयंसेवक, स्कूल के छात्र, स्थानीय कलाकार और व्यापारिक नेता इस पदयात्रा में शामिल हुए, जिससे यह एक बड़ा सामाजिक कार्यक्रम बन गया। राज्यपाल डेका ने अपनी उपस्थिति से इस पहल को मान्यता दी और सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
राज्यपाल रमेन डेका का कदम: नशा विरोधी संदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने पदयात्रा के आरम्भ पर भाषण देते हुए कहा, “नशा के प्रति जागरूकता बढ़ाना हमारा कर्तव्य है। हम सबको मिलकर नशा-मुक्त समाज का निर्माण करना है।” उन्होंने नागरिकों को नशा विरोधी नीतियों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया और वादा किया कि सरकार इस दिशा में और भी सख्त कदम उठाएगी।
सामूहिक प्रयास: समाज के सभी वर्गों की भागीदारी
इस पदयात्रा में स्कूल के बच्चे, कॉलेज के छात्र, वृद्धजनों, और आम नागरिकों ने समान रूप से भाग लिया। स्थानीय NGOs ने नशा मुक्ति कार्यशालाएँ आयोजित कीं, और पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग ने भी साथ दिया। इस मिश्रित समूह ने एकजुट होकर नशा विरोधी संदेश को फैलाया, जिससे समाज में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।
पदयात्रा का मार्ग: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से
पदयात्रा का मार्ग 15 किलोमीटर लंबा था, जो पटना के शहरी केंद्र से शुरू होकर ग्रामीण इलाकों से गुजरता हुआ शहर के बाहरी इलाके में समाप्त हुआ। इस मार्ग पर नशा मुक्ति के बारे में सूचना बैनर, फलक और वीडियो स्क्रीन लगाकर दर्शकों को शिक्षित किया गया।
भविष्य की योजनाएँ: नशा मुक्ति के लिए नई पहल
राज्यपाल डेका ने इस कार्यक्रम के बाद राज्य सरकार की नई पहल की घोषणा की, जिसमें नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार, नशा उपचार कार्यक्रमों का संवर्धन, और युवाओं के लिए रोजगार सृजन योजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हम नशा मुक्ति को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत नीति के रूप में अपनाएँगे।”
निष्कर्ष
नशा मुक्त भारत के संकल्प के अंतर्गत आयोजित यह पदयात्रा एक सफल सामाजिक आंदोलन के रूप में उभरी, जिसने नशा विरोधी चेतना को नई दिशा दी। राज्यपाल रमेन डेका की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को वैधता और प्रेरणा दोनों प्रदान की। भविष्य में सरकार और समाज के बीच इस तरह के सहयोग से नशा मुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।



