मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर 2026 को अपने कार्यकाल के दौरान एक बार फिर जनता के दिल की धड़कन को महसूस किया। राजधानी के मुख्यालय में आयोजित विशेष सुनवाई सत्र में उन्होंने अपने कार्यालय के कर्मचारियों, समाजसेवकों और आम नागरिकों को एकत्रित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जनता की आवाज़ को सुनना था, बल्कि उसे नीति-निर्माण में प्रतिबिंबित करना भी था। इस बैठक के दौरान धामी जी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी रहना है।
जनता से दिल से जुड़ाव: धामी की सुनवाई का मुख्य संदेश
सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे राज्य की प्रगति तभी संभव है जब हम लोगों की वास्तविक समस्याओं को पहचानें और उन्हें हल करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।” उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएँ लागू की हैं, लेकिन अभी भी कई मुद्दे अनसुलझे हैं। धामी ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, और बेरोजगारी के बढ़ते आंकड़ों पर बल दिया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याएँ खुलकर बताएं ताकि सरकार उन्हें प्राथमिकता दे सके।
सुनवाई के दौरान प्रमुख मुद्दे: शिक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा
सत्र में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई सवाल उठे। एक ग्रामीण स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में पर्याप्त कक्षा नहीं है और शिक्षकों की कमी है। इसके जवाब में धामी ने वादा किया कि अगले वित्तीय वर्ष में 200 नई कक्षाएँ और 500 नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में, एक शहर के डॉक्टर ने बताया कि अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की कमी है। धामी ने तुरंत एक कार्यदल गठित करने की घोषणा की ताकि अस्पतालों में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा सकें। इसके अलावा, बेरोजगारी को कम करने के लिए उन्होंने युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र खोलने का निर्णय लिया।
नीति में बदलाव और योजनाएँ: नई पहलें और सुधार
धामी ने सत्र के दौरान कई नई योजनाओं का अनावरण किया। उनमें से प्रमुख है “स्मार्ट गाँव” पहल, जिसके तहत 500 गाँवों में डिजिटल कनेक्टिविटी और ई-गवर्नेंस सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसके साथ ही “स्वास्थ्य प्रथम” कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मोबाइल क्लिनिक की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में ‘ई-स्कूल’ मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे दूरदराज के छात्रों को भी गुणवत्ता शिक्षा मिल सके। इसके अतिरिक्त, सरकार ने ‘हरित ऊर्जा’ परियोजना पर भी ध्यान देने का निर्णय लिया, जिससे 2028 तक 10% बिजली को नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा।
भविष्य की दिशा और आशा: लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्र का समापन करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को समान अवसर और बेहतर जीवन मिले। मैं वादा करता हूँ कि हम आपकी आवाज़ को नयी नीतियों और योजनाओं में शामिल करेंगे।” उन्होंने जनता को यह भी आश्वासन दिया कि सरकार के सभी निर्णय पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लिए जाएँगे। सत्र के बाद भी धामी ने कुछ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय निकाला, ताकि वे अपनी समस्याओं पर और चर्चा कर सकें। इस प्रकार, इस सुनवाई सत्र ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार का दृष्टिकोण हमेशा लोगों के दिल और दिमाग से जुड़ा रहेगा।
निष्कर्ष
25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस सुनवाई सत्र ने यह पुनः प्रमाणित किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शासन जनता की आवाज़ को प्राथमिकता देता है। उन्होंने न केवल मौजूदा समस्याओं पर प्रकाश डाला, बल्कि नई योजनाओं और नीतियों के माध्यम से उनके समाधान का मार्ग भी दिखाया। इस प्रकार, धामी की “मन की बात सुनते हुए” पहल ने राज्य के विकास के लिए एक नई दिशा तय की है, जिसमें लोगों का विश्वास और सहयोग अनिवार्य भूमिका निभाता रहेगा।


