🏛️ लोकतंत्र का मूल संदेश
लखनऊ में आयोजित 86वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बड़ा संदेश दिया गया।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि People Trust First ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
🔹 जनता का विश्वास सर्वोपरि
उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इसी विश्वास से लोकतंत्र जीवंत और मजबूत बनता है।
🔹 आचरण और जवाबदेही
तोमर ने विधायकों के आचरण पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सदन के भीतर और बाहर व्यवहार लोकतंत्र की साख तय करता है।
🔹 सिद्धांत नहीं, व्यवहार जरूरी
उन्होंने कहा कि सिर्फ विचार काफी नहीं हैं।
व्यवहार में जवाबदेही दिखाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
🔹 लोकतंत्र की ऐतिहासिक जड़ें
उन्होंने रामराज्य, सम्राट अशोक और विक्रमादित्य का उल्लेख किया।
इन उदाहरणों को जनोन्मुखी शासन की प्रेरणा बताया गया।
🔹 संविधान और संतुलन
तोमर ने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा संविधान में है।
विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का संतुलन जरूरी है।
🔹 डिजिटल युग की चुनौती
उन्होंने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका बताई।
आज जनता लगातार प्रतिनिधियों पर नजर रखती है।
🔹 मध्यप्रदेश विधानसभा का उदाहरण
तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा की भूमिका को सराहा।
उन्होंने पारदर्शिता और नवाचार को मजबूत पक्ष बताया।
🔹 जनहित प्राथमिकता
उन्होंने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण का उल्लेख किया।
इन्हें लोकतंत्र की असली पहचान बताया गया।
🔹 पीठासीन अधिकारियों की भूमिका
तोमर ने पीठासीन अधिकारियों को लोकतंत्र का प्रहरी बताया।
उनका संतुलन ही सदन को दिशा देता है।
📢 निष्कर्ष
People Trust First केवल विचार नहीं, जिम्मेदारी है।
इसी से लोकतंत्र मजबूत और विश्वसनीय बनता है।




