🔹 भारत की परंपराओं पर प्रधानमंत्री का बड़ा बयान
Narendra Modi ने कहा कि भारत हजारों वर्षों से एक जीवंत सभ्यता रहा है, जहां सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की निरंतरता अद्वितीय है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यही परंपराएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।
🔹 कर्नाटक के मांड्या में कार्यक्रम
प्रधानमंत्री Mandya में स्थित Adichunchanagiri Math में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान H. D. Deve Gowda भी मौजूद रहे।
🔹 संत परंपरा को बताया भारत की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में संतों और महापुरुषों ने हमेशा समाज को दिशा दी है।
उन्होंने लोगों के दुख-दर्द को समझकर समाधान देने की परंपरा को भारत की विशेषता बताया।
🔹 देशवासियों से किए 9 अहम आग्रह
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से कई महत्वपूर्ण अपीलें कीं:
- जल संरक्षण को अपनाना
- ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लेना
- स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना
- ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देना
- घरेलू पर्यटन को अपनाना
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
- मोटापा कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना
- योग और खेल को जीवन का हिस्सा बनाना
- जरूरतमंदों की सेवा करना
🔹 2000 साल पुरानी परंपरा की सराहना
प्रधानमंत्री ने आदिचुंचनगिरि मठ की लगभग 2000 वर्षों पुरानी परंपरा की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान आध्यात्मिकता और सेवा का अद्भुत संगम है।
🔹 शिक्षा और स्वास्थ्य में योगदान का उल्लेख
उन्होंने दिवंगत संत डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि
उनके प्रयासों से लाखों लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं।
🔹 आध्यात्मिक अनुभव साझा किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पावन स्थल पर आकर उन्हें गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंदिर आने वाले समय में सेवा और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।


