📌 फर्जी पत्र से बढ़ा विवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम पर एक बार फिर फर्जी पत्र जारी होने से सियासी माहौल गरमा गया है। यह कथित पत्र संघ प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को लिखा बताया जा रहा है।
📌 चुनाव के बीच उठे सवाल
यह मामला असम में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सामने आया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसे कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
📌 कांग्रेस पर लगाए आरोप
संघ से जुड़े पूर्व पदाधिकारी राजीव तुली ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे “घटिया राजनीति” और “दुष्प्रचार” करार दिया।
📌 पत्र की भाषा पर उठे सवाल
बताया गया कि पत्र की भाषा और शैली इतनी निम्न स्तर की है कि इसे आसानी से फर्जी माना जा सकता है। इसमें प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक और असामान्य टिप्पणियां की गई हैं।
📌 संघ की कार्यशैली पर सफाई
संघ की ओर से कहा गया कि उनकी कार्यप्रणाली में इस तरह के पत्र लिखने या सार्वजनिक निर्देश देने की परंपरा नहीं है। संगठन समन्वय और संवाद के माध्यम से कार्य करता है।
📌 बयान विवाद से जुड़ा मामला
इस विवाद को मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया बयान से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने RSS और भाजपा पर टिप्पणी की थी।
📌 निष्कर्ष
फर्जी पत्र के मामले ने चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस विवाद में आगे क्या जांच और कार्रवाई होती है, और इसका राजनीतिक असर कितना पड़ता है।



